प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)Shceme
यह योजना भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा चलाई जाती है। इसका संचालन खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) करता है।
योजना का उद्देश्य:
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार और नए रोजगार के अवसर पैदा करना।
बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और कमजोर वर्गों को नया उद्योग-धंधा शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता देना।
ग्रामोद्योग और कुटीर उद्योग को बढ़ावा देना।
लोगों को आत्मनिर्भर बनाकर आय के स्रोत बढ़ाना।
योजना की मुख्य विशेषताएँ:
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लोन (ऋण) + सब्सिडी (अनुदान) मॉडल पर आधारित योजना।
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अधिकतम परियोजना लागत:
- निर्माण (Manufacturing) इकाईके लिए ₹25 लाख तक।
- सेवा (Service) इकाईके लिए ₹10 लाख तक।
- सरकारी सब्सिडी (अनुदान):
- सामान्य श्रेणी: 15%–25%
- विशेष श्रेणी (महिला, SC/ST, OBC, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, पूर्व सैनिक, पूर्वोत्तर क्षेत्र, पहाड़ी क्षेत्र): 25%–35%
कौन लाभ ले सकता है? (Eligibility)
18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी भारतीय नागरिक।
कम से कम 8वीं पास (यदि परियोजना लागत ₹10 लाख से अधिक हो – निर्माण क्षेत्र में या ₹5 लाख से अधिक – सेवा क्षेत्र में)।
नए उद्योग/व्यवसाय के लिए ही लोन मिलेगा। (पहले से चल रहे उद्योग के लिए नहीं)
व्यक्तिगत, स्वयं सहायता समूह (SHG), सहकारी समिति, ट्रस्ट, रजिस्टर्ड सोसाइटी आदि आवेदन कर सकते हैं।
कैसे आवेदन करें?
ऑनलाइन आवेदन करना होता है: www.kviconline.gov.in
योजना के तहत प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनानी होती है।
आवेदन को बैंक के माध्यम से मंजूरी मिलती है और बैंक लोन उपलब्ध कराता है।
KVIC या राज्य निदेशालय द्वारा प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन भी दिया जाता है।
निष्कर्ष:
PMEGP योजना बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों के लिए स्वरोजगार शुरू करने का सुनहरा अवसर है। इसमें सरकार सब्सिडी भी देती है, जिससे लोन का बोझ कम हो जाता है और छोटे उद्योग-धंधे आसानी से शुरू किए जा सकते हैं।
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